साफ़ लिखित किरायानामा मकान मालिक और किरायेदार के ज़्यादातर विवाद रोक देता है। साइन करने से पहले ये बातें जानें।
11 महीने ही क्यों?
रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के तहत एक साल से ज़्यादा की लीज़ का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और उसके खर्च से बचने के लिए कई लोग 11 महीने का एग्रीमेंट चुनते हैं। छोटे एग्रीमेंट पर भी सही स्टांप ड्यूटी ज़रूरी है, जो हर राज्य में अलग है।
कौन सी शर्तें लिखें
- मकान मालिक और किरायेदार के नाम-पते, और संपत्ति का पता
- किराया, भुगतान की तारीख और तरीका
- सिक्योरिटी डिपॉज़िट और वापसी की शर्तें
- अवधि, नवीनीकरण और सालाना किराया बढ़ोतरी
- एग्रीमेंट खत्म करने के लिए नोटिस अवधि
- मेंटेनेंस, बिजली और पानी का खर्च कौन देगा
- सबलेटिंग, मरम्मत और उपयोग के नियम
स्टांप ड्यूटी और साइन
एग्रीमेंट को अपने राज्य में ज़रूरी मूल्य के स्टांप पेपर पर छापें, या राज्य की ई-स्टांपिंग सुविधा का उपयोग करें। दोनों पक्ष और दो गवाह साइन करें। पहचान पत्र और साइन किए एग्रीमेंट की कॉपी रखें।
रजिस्टर्ड एग्रीमेंट
11 महीने से लंबे एग्रीमेंट का सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराएं। कई राज्यों में ऑनलाइन या लीव-एंड-लाइसेंस रजिस्ट्रेशन भी उपलब्ध है, जो एग्रीमेंट को सबूत के तौर पर बहुत मज़बूत बनाता है।
AdalatSaathi के पार्टनर वकील किराया, लीज़, बिक्री और खरीद के एग्रीमेंट बनाते और जांचते हैं। यह लेख सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं।
ℹ️ केवल सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।
अपना चालान जांचें
मदद पाएं →लेख और गाइड
दिल्ली ट्रैफिक चालान Lok Adalat 2026: रजिस्ट्रेशन और टोकन कैसे लें
राष्ट्रीय Lok Adalat के लिए दिल्ली के बकाया ट्रैफिक चालान रजिस्टर करने की पूरी गाइड, क्या तैयार रखें और स्लॉट इतनी जल्दी क्यों भरते हैं।
बिहार ई-चालान: बकाया चालान कैसे देखें और Lok Adalat में कैसे निपटाएं
बिहार के ट्रैफिक ई-चालान ऑनलाइन देखें, समझें कौन से Lok Adalat में जा सकते हैं, और पटना व अन्य ज़िलों में निपटारा कैसे होता है।
भारत में आपसी सहमति से तलाक: प्रक्रिया, समय और दस्तावेज़
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13B के तहत आपसी सहमति से तलाक कैसे होता है: योग्यता, दो मोशन, प्रतीक्षा अवधि और दस्तावेज़।
गाड़ी नंबर से ऑनलाइन बकाया ट्रैफिक चालान कैसे देखें (पूरा भारत)
सरकारी Parivahan पोर्टल पर बकाया ई-चालान देखने की आसान गाइड, और अदालत में लंबित चालान होने पर क्या करें।
Lok Adalat में ट्रैफिक चालान कैसे निपटाएं: आसान गाइड (2026)
Lok Adalat क्या है, कौन से दस्तावेज़ चाहिए, रजिस्ट्रेशन कैसे होता है और उस दिन क्या होता है, आसान भाषा में।
कौन से ट्रैफिक चालान Lok Adalat में निपट सकते हैं, और कौन से नहीं?
छोटे, समझौता योग्य अपराध आम तौर पर योग्य होते हैं; गंभीर नहीं। आसान चेकलिस्ट।
धारा 138 के तहत चेक बाउंस: हर प्राप्तकर्ता को ये समय-सीमाएं पता होनी चाहिए
परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत 30 दिन का नोटिस, 15 दिन की भुगतान अवधि और एक महीने की शिकायत सीमा, आसान भाषा में।